[Updated] Sri Krishna Janmashtami 2022 in Mathura & Vrindavan | कृष्ण जन्माष्टमी इन मथुरा और वृंदावन

Sri Krishna Janmashtami 2022 in Mathura & Vrindavan

Sri Krishna Janmashtami 2022 in Mathura हेलो दोस्तों आज हम आपको बताएंगे श्री कृष्ण  जन्माष्टमी मथुरा और वृंदावन में इतनी धूमधाम से क्यों बनाई जाती है Krishna Janmashtami 2022 in Mathura & Vrindavan तो यह बात शुरू होती है करीब 5000 साल पहले जहां पर श्री कृष्ण भगवान का जन्म मथुरा में हुआ था और वह पहले बड़े वृंदावन और मथुरा दोनों में है उनका जीवन बहुत ही संघर्ष भरा प्यार भरा अधूरा ला ला ला रहा था श्री कृष्ण भगवान वहां के सबसे फेमस भगवानों में से एक माने जाते हैं 

Sri Krishna Janmashtami 2022 in Mathura & Vrindavan

हिंदू धर्म में भगवान श्रीकृष्ण की बहुत ज्यादा मान्यता है हर घर में भारत  मैं भगवान श्री कृष्ण को पूजा जाता है उनकी आराधना की जाती है उनकी भजन कीर्ति है भगवान होते रहते हैं उन्हीं के नाम पर श्रीमद्भगवद्गीता बिश्नोई जाती है मथुरा वृंदावन में खासतौर पर श्री कृष्ण भगवान को जन्माष्टमी के तौर पर माखन चढ़ाया जाता है छप्पन भोग लगाया जाता है जिसके लिए दुनिया भर से लोग बाग मथुरा में और वृंदावन में जाते हैं भगवान का भोग लेने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए |

Krishna Janmashtami date for Mathura

भगवान श्री कृष्ण ने अपना बचपन वृंदावन में बिताया है यमुना नदी किनारे बसा छोटा सा एक गांव है हर साल की तरह इस साल भी बड़े ही धूमधाम से भगवान कृष्ण का जन्म जन्माष्टमी के तौर पर मथुरा एवं वृंदावन में बनाया जाएगा जो कि हर साल बड़े उत्साह के साथ बनाया जाता है इसका उत्साह इतना रहता है कि देश-विदेश से लोग बनाते हैं और उनकी आराधना में लीन हो जाते हैं और अपना सब कुछ समापन कर देते हैं

भगवान कृष्ण का जीवन

 हमारे प्रिय और आपके भी प्रिय भगवान श्री कृष्ण जन्माष्टमी के तौर पर उनका जन्म मथुरा में हुआ था आइए हम आपको बताते हैं भगवान कृष्ण के जीवन के बारे में जो बहुत ही प्रचलित हैं भगवान श्री कृष्ण के माता पिता का नाम श्री वासुदेव जी एंड माता देवकी था भगवान श्री कृष्ण बचपन से ही बड़े ही नटखट किस्म के व्यक्ति थे उन्होंने अपने जीवन काल में बहुत संघर्ष जिला है और वह हिंदू धर्म को आगे बढ़ने के लिए हमेशा प्रेरित करते देते हैं उन्होंने हमें सिखाया है हमारे धर्म ज्ञान संबंध संस्कार हमें किस तरीके से बनाना चाहिए किस तरीके से हमें अपने माता-पिता की सेवा करनी चाहिए यह सभी चीजें भगवान कृष्ण से बड़े ही अच्छे तरीके से हमको बताया है

 भगवान श्री कृष्ण के प्रिय मित्र का नाम

 भगवान श्री कृष्ण की पीढ़ी मित्र सुदामा थे वे बचपन से ही उनके साथ रहते थे और बचपन से ही हो खेला कूदी उनके साथ गुल्ली डंडा श्री कृष्ण भगवान सुदामा के साथ किया है पता ही नहीं चला कब जीवन बड़ा हो गए श्री कृष्ण भगवान अपने अलग चले गए मथुरा चले गए बड़े होने के बाद एक दिन खुद के भगवान श्री कृष्ण के दरबार में जाते हैं और उनसे अपनी दोस्ती की गुहार लगाते हैं जैसे ही भगवान कृष्ण को पता चलता है कि सुदामा जी आए हैं तो  भगवान श्री कृष्ण के पास चले आते हैं और उनके पास जाते हैं और उनके अंदर आते हैं और उनके पैरों को पानी से और अपने हाथों से होते हैं यह सब देख कर जाते हैं कि एक ब्राह्मण सुदामा सुदामा गरीब है तो भगवान श्री कृष्ण बताते हैं कि यह हमारे मित्र हैं और हमें भी दोस्ती  का ज्ञान देते हैं

वृंदावन के मंदिर

 वर्तमान में कुल 4000 से ज्यादा मंदिर पाए जाते हैं वहां पर भक्ति लोगों के दिल में बसी हुई है कुक्षी मंदिर के नाम बताएंगे बेला मंदिर है बांके बिहारी मंदिर, इस्कॉन मंदिर,राधा रमण मंदिर और रंगनाथ जी मंदिर यह कुछ मंदिर है जो  वृंदावन में बहुत ही ज्यादा फेमस है और दूर-दूर से लोग इन मंदिरों में आते हैं और अपने भविष्य की अच्छी कामना करते हैं और की कामना करते हैं और नहा के पुत्र अपने माता-पिता को अपने कंधों पर बिठाकर भी ले जाते हैं इसलिए इन मंदिरों की बहुत ज्यादा मान्यता है इन मंदिरों से लोगों की इच्छा पूरी होती है सुकून मिलता है सुख शांति समृद्धि आती है 

तो हमने आपको बताया भगवान कृष्ण का जीवन वृंदावन और मथुरा में किस प्रकार से गुजरा उम्मीद करते हैं आप को मारा आर्टिकल बहुत अच्छा लगा होगा अगर अच्छा लगा तो प्लीज उसको अपने दोस्तों फ्रेंड माता-पिता के साथ शेयर करें और उन्हें ज्ञान दे |

[Updated] Sri Krishna Janmashtami 2022 in Mathura & Vrindavan | कृष्ण जन्माष्टमी इन मथुरा और वृंदावन

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